बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन में ‘सुरेश‘ ने गढ़ा नया आयाम
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अजमी रिज़वी
बाराबंकी। विज्ञान का एक नियम है, हर क्रिया की प्रतिक्रिया होती है। आज
विज्ञान का यह नियम बाराबंकी के जीआईसी आडिटोरियम में सदर विधायक धर्मराज
यादव उर्फ सुरेश यादव द्वारा आयोजित किये गये कार्यकर्ता सम्मेलन में
बखूबी देखने को मिला। वर्ष 2012 से आज तक जो कुछ सदर विधायक ने जनता के
लिए किया, जिस विकास की डगर पर बाराबंकी को आगे बढ़ाया, उसका नतीजा था कि
आज आडिटोरियम में उमड़ा कार्यकर्ताओं एवं विधायक के चहेती जनता का सैलाब
देखते ही बन रहा था। मौका था विधानसभा बाराबंकी के समाजवादी पार्टी बूथ
स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन का। साथ ही सबसे खास बात यह थी कि जो वर्तमान
विधायक के विरूद्ध कुछ अंदरूनी लोग आये दिन जगह-जगह जहर उगला करते थे,
उनके टिकट कटने की बात कहा करते थे, आज उन सभी की जुबानों पर ताले लग
गये। शायद विरोधियों ने सोंचा भी नहीं होगा कि सम्मेलन इस कदर बृहद स्तर
पर हो जायेगा। कुछ एक लोगों को तो अपनी आंखों पर भरोसा ही नहीं हो रहा
था। मंच पर भी सामाजिक समरसता का एक उत्कृष्ट माहौल देखने को मिला। चाहे
वह संत रहें हो या फिर सरदार अथवा मुस्लिम, हर बिरादरी का कम से कम एक
व्यक्ति मंचासीन था। पिछले दिनों का एक किस्सा याद आ गया। विधानसभा
रामनगर में पिछले माह दो दिवसीय बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया
गया था। रामनगर विधानसभा से विधायक हैं अरविन्द सिंह गोप। कबीना मंत्री
भी हैं सूबा सरकार के। समाजवादी पार्टी के महासचिव भी हैं। लेकिन उनके दो
दिवसीय बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन के पहले ही दिन पंडाल में पड़ी आधी
कुर्सियां खाली रह गयी थीं। लेकिन कोई कुछ कहने वाला नहीं था। मंत्री जी
का कार्यक्रम जो ठहरा। जनता दबेमुंह इस बात को कहती नजर आ रही थी। खैर वह
बात तो पुरानी रही। लेकिन तीन सितम्बर 2016 को जीआईसी आडिटोरियम में उमड़े
जनसैलाब को जिसने भी देखा, अनायास ही कहने को मजबूर हो गया कि वाकई, दम
तो है जनाब। जनता पैसे से नहीं आती। जनता जलपान पर नहीं आती। जनता आती है
तो प्रेम और सौहार्द्र से। मानवता एक बेजुबान को भी गुलाम बना लेती है।
तो फिर जनता तो बुद्धि रखती है। प्रेम के दो शब्दों पर तो इंसान जिंदगी
कुर्बान कर देता है। सदर विधायक के साथ-साथ उनके अपनों ने भी कार्यक्रम
को सफल बनाने में कोई कोर-कसर बाकी नहीं रखी थी। एक बात और खास रही इस
कार्यक्रम की। युवाओं का जमावड़ा। उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री युवा है।
वर्तमान समय युवाओं का है। पूरा विश्व भारत की युवा शक्ति को उम्मीद भरी
निगाहों से देख रहा है और यूपी का युवा हर क्षेत्र में अपना लोहा मनवाने
का सामर्थ्य रखता है। बाराबंकी विधानसभा क्षेत्र में युवा प्रतिनिधित्व
लगातार नये आयाम गढ़ रहा है। हां, चंद एक लोगों का आज का सम्मेलन देखकर
थोड़ा सदमा जरूर लगा होगा। एक व्यक्ति हर एक के लिए अच्छा नहीं हो सकता
है। यही कारण है कि कुछ लोगों को तो अखरा ही होगा। ज्यादा कहने से अच्छा
है कि जनता कम समय में ज्यादा समझ ले। आखिरी में एक शेर और बात खत्म ‘‘
जो अपने हिस्से की रोटी भी बांट देता है, उस आदमी का कभी, ‘‘रिस्क’’ कम
नहीं होता।
बाराबंकी। विज्ञान का एक नियम है, हर क्रिया की प्रतिक्रिया होती है। आज
विज्ञान का यह नियम बाराबंकी के जीआईसी आडिटोरियम में सदर विधायक धर्मराज
यादव उर्फ सुरेश यादव द्वारा आयोजित किये गये कार्यकर्ता सम्मेलन में
बखूबी देखने को मिला। वर्ष 2012 से आज तक जो कुछ सदर विधायक ने जनता के
लिए किया, जिस विकास की डगर पर बाराबंकी को आगे बढ़ाया, उसका नतीजा था कि
आज आडिटोरियम में उमड़ा कार्यकर्ताओं एवं विधायक के चहेती जनता का सैलाब
देखते ही बन रहा था। मौका था विधानसभा बाराबंकी के समाजवादी पार्टी बूथ
स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन का। साथ ही सबसे खास बात यह थी कि जो वर्तमान
विधायक के विरूद्ध कुछ अंदरूनी लोग आये दिन जगह-जगह जहर उगला करते थे,
उनके टिकट कटने की बात कहा करते थे, आज उन सभी की जुबानों पर ताले लग
गये। शायद विरोधियों ने सोंचा भी नहीं होगा कि सम्मेलन इस कदर बृहद स्तर
पर हो जायेगा। कुछ एक लोगों को तो अपनी आंखों पर भरोसा ही नहीं हो रहा
था। मंच पर भी सामाजिक समरसता का एक उत्कृष्ट माहौल देखने को मिला। चाहे
वह संत रहें हो या फिर सरदार अथवा मुस्लिम, हर बिरादरी का कम से कम एक
व्यक्ति मंचासीन था। पिछले दिनों का एक किस्सा याद आ गया। विधानसभा
रामनगर में पिछले माह दो दिवसीय बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया
गया था। रामनगर विधानसभा से विधायक हैं अरविन्द सिंह गोप। कबीना मंत्री
भी हैं सूबा सरकार के। समाजवादी पार्टी के महासचिव भी हैं। लेकिन उनके दो
दिवसीय बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन के पहले ही दिन पंडाल में पड़ी आधी
कुर्सियां खाली रह गयी थीं। लेकिन कोई कुछ कहने वाला नहीं था। मंत्री जी
का कार्यक्रम जो ठहरा। जनता दबेमुंह इस बात को कहती नजर आ रही थी। खैर वह
बात तो पुरानी रही। लेकिन तीन सितम्बर 2016 को जीआईसी आडिटोरियम में उमड़े
जनसैलाब को जिसने भी देखा, अनायास ही कहने को मजबूर हो गया कि वाकई, दम
तो है जनाब। जनता पैसे से नहीं आती। जनता जलपान पर नहीं आती। जनता आती है
तो प्रेम और सौहार्द्र से। मानवता एक बेजुबान को भी गुलाम बना लेती है।
तो फिर जनता तो बुद्धि रखती है। प्रेम के दो शब्दों पर तो इंसान जिंदगी
कुर्बान कर देता है। सदर विधायक के साथ-साथ उनके अपनों ने भी कार्यक्रम
को सफल बनाने में कोई कोर-कसर बाकी नहीं रखी थी। एक बात और खास रही इस
कार्यक्रम की। युवाओं का जमावड़ा। उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री युवा है।
वर्तमान समय युवाओं का है। पूरा विश्व भारत की युवा शक्ति को उम्मीद भरी
निगाहों से देख रहा है और यूपी का युवा हर क्षेत्र में अपना लोहा मनवाने
का सामर्थ्य रखता है। बाराबंकी विधानसभा क्षेत्र में युवा प्रतिनिधित्व
लगातार नये आयाम गढ़ रहा है। हां, चंद एक लोगों का आज का सम्मेलन देखकर
थोड़ा सदमा जरूर लगा होगा। एक व्यक्ति हर एक के लिए अच्छा नहीं हो सकता
है। यही कारण है कि कुछ लोगों को तो अखरा ही होगा। ज्यादा कहने से अच्छा
है कि जनता कम समय में ज्यादा समझ ले। आखिरी में एक शेर और बात खत्म ‘‘
जो अपने हिस्से की रोटी भी बांट देता है, उस आदमी का कभी, ‘‘रिस्क’’ कम
नहीं होता।

