गन्ना दफ्तर में जारी है आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का धरना
https://husainijnp.blogspot.com/2016/09/blog-post_61.html
अजमी रिज़वी
बाराबंकी। उ0प्र0 सरकार चोरों, डकैतों, लुटेरों की सरकार है, यह बात
प्रदेश से आये प्रान्तीय अध्यक्ष गिरीश पाण्डेय ने गन्ना संस्थान मे
आंगनबाड़ियों के धरने को सम्बोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा जब प्रदेश
मे सपा की सरकार आई थी तो मुख्यमंत्री अखिलेश ने कहा था अब बसपा की सरकार
चली गई। इमरजेन्सी खत्म हो गई। अब कोई भी अपनी बात विधान सभा पर आकर कह
सकता है, धरना प्रदर्षन कर सकता है। लेकिन इनकी कथनी और करनी मे काफी
फर्क नजर आया। इनकी सरकार तो तानाशाही निकली, जो भी विधानसभा धरने पर
जाता है चाहे कांग्रेसी हो, भाजपाई हो, बसपाई हो, शिक्षक हो या लेखपाल
सबको अखिलेश की पुलिस बुरी तरह से डंडों से पीटती है, सर फोडती है और
अस्पतालों मे इलाज के लिए जगह भी नही होती। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे
प्रदेश मे 4 लाख आंगनबाड़ियों मे 82 प्रतिशत हड़ताल पर रही। पूर्व सूचना के
अनुसार 1 सितम्बर तक मांगे पूरी न होने से आहत आंगनबाड़ी कर्मचारी संध 24
सूत्री मांगों को लेकर अनिष्चित कालीन धरने पर बैठ गया। आज धरने के दूसरे
दिन जिलाध्यक्ष मनीषा कनौजिया ने कहा काम बन्द कलम बन्द अनिश्चित कालीन
धरना तब तक जारी रहेगा, जब तक उ0प्र0 सरकार 18 हजार प्रतिमाह मानदेय नही
कर देती। नगर अध्यक्ष जर्रीन रिज़वी ने कहा जहां आंगनबाड़ियों से विभिन्न
योजनाओं का कार्य लिया जाता है परन्तु उ0प्र0 सरकार मानदेय देने मे सबसे
पूछे है। उ0प्र0 केवल 200 रू0 देकर काम चला रहा है। 3000 रू0 केन्द्र
सरकार द्वारा मिलता है। चन्द्र प्रकाश राजवंशी ने कहा संगठन मे शक्ति है
अगर हम इसी तरह संगठित रहे तो वह दिन दूर नही जो हमारी बात न मानी जाये।
नीलम पाण्डेय, सुशीला गुप्ता व अन्य लोगों ने भी अपने विचार रखे। सुमन
सिंह, सरोज सिंह, शिवरानी गौतम, प्रेमा देवी, वन्दना वर्मा, पूजा वर्मा,
गीता वर्मा, पुष्पलता, रेनू गुप्ता, सुनीता चौरसिया, आशा मिश्रा, अमृता,
प्रीती, माया सिंह, कमला देवी के अलावा जनपद से दूर दराज से आयी हजारों
की संख्या मे आंगनबाडी कार्यकत्री व सहायिकायें मौजूद रहीं।
बाराबंकी। उ0प्र0 सरकार चोरों, डकैतों, लुटेरों की सरकार है, यह बात
प्रदेश से आये प्रान्तीय अध्यक्ष गिरीश पाण्डेय ने गन्ना संस्थान मे
आंगनबाड़ियों के धरने को सम्बोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा जब प्रदेश
मे सपा की सरकार आई थी तो मुख्यमंत्री अखिलेश ने कहा था अब बसपा की सरकार
चली गई। इमरजेन्सी खत्म हो गई। अब कोई भी अपनी बात विधान सभा पर आकर कह
सकता है, धरना प्रदर्षन कर सकता है। लेकिन इनकी कथनी और करनी मे काफी
फर्क नजर आया। इनकी सरकार तो तानाशाही निकली, जो भी विधानसभा धरने पर
जाता है चाहे कांग्रेसी हो, भाजपाई हो, बसपाई हो, शिक्षक हो या लेखपाल
सबको अखिलेश की पुलिस बुरी तरह से डंडों से पीटती है, सर फोडती है और
अस्पतालों मे इलाज के लिए जगह भी नही होती। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे
प्रदेश मे 4 लाख आंगनबाड़ियों मे 82 प्रतिशत हड़ताल पर रही। पूर्व सूचना के
अनुसार 1 सितम्बर तक मांगे पूरी न होने से आहत आंगनबाड़ी कर्मचारी संध 24
सूत्री मांगों को लेकर अनिष्चित कालीन धरने पर बैठ गया। आज धरने के दूसरे
दिन जिलाध्यक्ष मनीषा कनौजिया ने कहा काम बन्द कलम बन्द अनिश्चित कालीन
धरना तब तक जारी रहेगा, जब तक उ0प्र0 सरकार 18 हजार प्रतिमाह मानदेय नही
कर देती। नगर अध्यक्ष जर्रीन रिज़वी ने कहा जहां आंगनबाड़ियों से विभिन्न
योजनाओं का कार्य लिया जाता है परन्तु उ0प्र0 सरकार मानदेय देने मे सबसे
पूछे है। उ0प्र0 केवल 200 रू0 देकर काम चला रहा है। 3000 रू0 केन्द्र
सरकार द्वारा मिलता है। चन्द्र प्रकाश राजवंशी ने कहा संगठन मे शक्ति है
अगर हम इसी तरह संगठित रहे तो वह दिन दूर नही जो हमारी बात न मानी जाये।
नीलम पाण्डेय, सुशीला गुप्ता व अन्य लोगों ने भी अपने विचार रखे। सुमन
सिंह, सरोज सिंह, शिवरानी गौतम, प्रेमा देवी, वन्दना वर्मा, पूजा वर्मा,
गीता वर्मा, पुष्पलता, रेनू गुप्ता, सुनीता चौरसिया, आशा मिश्रा, अमृता,
प्रीती, माया सिंह, कमला देवी के अलावा जनपद से दूर दराज से आयी हजारों
की संख्या मे आंगनबाडी कार्यकत्री व सहायिकायें मौजूद रहीं।

