आर्यावर्त ग्रामीण बैंक कोठी का हाल, डीएम से शिकायत
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अजमी रिज़वी
बाराबंकी। आर्यावर्त ग्रामीण बैंक कोठी में दलालों का बोलबाला है। बिना
दलालों के इशारे पर बैंक में कोई भी काम संभव नही है। पैसा निकलवाने से
लेकर किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने तक खाता धारकों से अवैध वसूली की जाती
है। स्थानीय नागरिकों ने जिलाधिकारी को पत्र देकर कार्यवाही की मांग की
है। जानकारी के अनुसार, आर्यावर्त ग्रामीण बैंक कोठी में इन दिनों जमकर
दलालों की चांदी कट रही है। दलालों के इशारे पर बैंक कर्मी काम करते हैं।
अगर कोई आम आदमी किसी काम को लेकर बैंक जाता है तो बैक कर्मी उसके काम को
लेकर घण्टो इधर उधर टहलाते हैं। जबकि दलालों के माध्यम से जब कोई काम
बैंक पहुंचता है तो घण्टो का काम मिनटो में बैंक कर्मी निपटा देते हैं।
इतना ही नही बैंक अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों तक खाता धारकों का शोषण
करने में पीछे नही हैं। जिसका जीता जागता उदाहरण ग्राम सैदनपुर में देखा
जा सकता है। वर्ष 1996 में बिटाना देवी पुत्री ननकऊ प्रजापति ने
आर्यावर्त ग्रामीण बैंक में अपना खाता खोला था। वर्ष 2009 में ननकऊ ने
किसान क्रेडिट कार्ड से 29 हजार रुपया लोन लिया था। एक साल बाद जब ननकऊ
की मौत हो गयी तो उक्त कर्जा बैंक कर्मियों ने मृतका की बेटी पर चढ़ा
दिया। 19 अक्टूबर 015 को बिटाना ने किसान क्रेडिट कार्ड का 29 हजार रुपये
का कर्जा ब्याज सहित कुल 41 हजार रुपया बैंक में जमा करके मामला पाक साफ
किया। लेकिन मृतक ननकऊ के खाते में 24 हजार रुपया पड़ा हुआ था। सात माह
पूर्व जब मृतक की लड़की ने शाखा प्रबंधक से उक्त पैसा निकालने की मांग की
थी तो उन्होने कहा था तहसील हैदरगढ़ से उत्तराधिकार प्रमाण पत्र बनवा लाओ।
सारे कागजात पूरे करने के बाद भी आज तक बैंक कर्मी 24 हजार रुपया नही
निकाल रहे हैं। पीड़िता बिटाना का आरोप है कि आर्यावर्त ग्रामीण बैंक में
कार्यरत बैंक मित्र का कहना है कि उक्त 24 हजार रुपया तुम्हारे खाते से
काट कर कर्जा अदा कर लिया गया है। जबकि पीड़िता का कहना है कि जब मैंने 41
हजार रुपये बैंक मंे पहले से ही जमा कर दिया था। तो किस बात का कर्जा
मेरे ऊपर बैक अधिकारी निकाल रहे हैं। पीड़ित जिलाधिकारी को पत्र भेजकर
पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। वहीं दूसरी तरफ इस
सम्बन्ध में जब शाखा प्रबंधक कोठी से जानकारी की गयी तो उनका कहना था कि
ऐसा कोई मामला मेरे संज्ञान में नही है। अगर शिकायत मिलेगी तो जांच
करवायी जायेगी। कुल मिलाकर वर्तमान समय में तो आर्यावर्त ग्रामीण बैंक
कोठी से लेकर अन्य क्षेत्रीय बैंको में दलालों के इशारे पर ही काम हो रहा
है।
बाराबंकी। आर्यावर्त ग्रामीण बैंक कोठी में दलालों का बोलबाला है। बिना
दलालों के इशारे पर बैंक में कोई भी काम संभव नही है। पैसा निकलवाने से
लेकर किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने तक खाता धारकों से अवैध वसूली की जाती
है। स्थानीय नागरिकों ने जिलाधिकारी को पत्र देकर कार्यवाही की मांग की
है। जानकारी के अनुसार, आर्यावर्त ग्रामीण बैंक कोठी में इन दिनों जमकर
दलालों की चांदी कट रही है। दलालों के इशारे पर बैंक कर्मी काम करते हैं।
अगर कोई आम आदमी किसी काम को लेकर बैंक जाता है तो बैक कर्मी उसके काम को
लेकर घण्टो इधर उधर टहलाते हैं। जबकि दलालों के माध्यम से जब कोई काम
बैंक पहुंचता है तो घण्टो का काम मिनटो में बैंक कर्मी निपटा देते हैं।
इतना ही नही बैंक अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों तक खाता धारकों का शोषण
करने में पीछे नही हैं। जिसका जीता जागता उदाहरण ग्राम सैदनपुर में देखा
जा सकता है। वर्ष 1996 में बिटाना देवी पुत्री ननकऊ प्रजापति ने
आर्यावर्त ग्रामीण बैंक में अपना खाता खोला था। वर्ष 2009 में ननकऊ ने
किसान क्रेडिट कार्ड से 29 हजार रुपया लोन लिया था। एक साल बाद जब ननकऊ
की मौत हो गयी तो उक्त कर्जा बैंक कर्मियों ने मृतका की बेटी पर चढ़ा
दिया। 19 अक्टूबर 015 को बिटाना ने किसान क्रेडिट कार्ड का 29 हजार रुपये
का कर्जा ब्याज सहित कुल 41 हजार रुपया बैंक में जमा करके मामला पाक साफ
किया। लेकिन मृतक ननकऊ के खाते में 24 हजार रुपया पड़ा हुआ था। सात माह
पूर्व जब मृतक की लड़की ने शाखा प्रबंधक से उक्त पैसा निकालने की मांग की
थी तो उन्होने कहा था तहसील हैदरगढ़ से उत्तराधिकार प्रमाण पत्र बनवा लाओ।
सारे कागजात पूरे करने के बाद भी आज तक बैंक कर्मी 24 हजार रुपया नही
निकाल रहे हैं। पीड़िता बिटाना का आरोप है कि आर्यावर्त ग्रामीण बैंक में
कार्यरत बैंक मित्र का कहना है कि उक्त 24 हजार रुपया तुम्हारे खाते से
काट कर कर्जा अदा कर लिया गया है। जबकि पीड़िता का कहना है कि जब मैंने 41
हजार रुपये बैंक मंे पहले से ही जमा कर दिया था। तो किस बात का कर्जा
मेरे ऊपर बैक अधिकारी निकाल रहे हैं। पीड़ित जिलाधिकारी को पत्र भेजकर
पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। वहीं दूसरी तरफ इस
सम्बन्ध में जब शाखा प्रबंधक कोठी से जानकारी की गयी तो उनका कहना था कि
ऐसा कोई मामला मेरे संज्ञान में नही है। अगर शिकायत मिलेगी तो जांच
करवायी जायेगी। कुल मिलाकर वर्तमान समय में तो आर्यावर्त ग्रामीण बैंक
कोठी से लेकर अन्य क्षेत्रीय बैंको में दलालों के इशारे पर ही काम हो रहा
है।

