अधीक्षक मिले नदारद, होगी कार्यवाही
https://husainijnp.blogspot.com/2016/09/blog-post_737.html
बाराबंकी। जिले में बढ़ रहे डेंगू के प्रकोप के बाद जिलाधिकारी ने
स्वास्थ्य विभाग को सही करने के लिये खुद कमान संभाल ली है। उन्होने बीती
रात सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र हैदरगढ़ में छापा मारा और वहां पर गंदगी
को देखकर काफी नाराजगी व्यक्त की। चिकित्साधीक्षक तो वहां पर मौजूद नही
मिले लेकिन अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को स्पष्ट रुप से चेतावनी दी। जिले
में पिछले एक पखवारे से डूंगे बुखार का प्रकोप अपनी चरम सीमा पर पहुंच
गया है। पुलिसकर्मी से लेकर स्वास्थ्य कर्मी तक इस बीमारी की चपेट में
आकर अपनी जान गवा चुके हैं। अभी तक डेंगू बुखार ने जिले में करीब दो
दर्जन से ज्यादा लोगों की जान ले चुका है। जिलाधिकारी ने कई बार मुख्य
चिकित्साधिकारी सहित जिले के सभी सीएचसी प्रभारियों को भी चेतावनी दी थी
कि ज्यादा से ज्यादा समय क्षेत्र में रहकर गुजारें और स्वास्थ्य टीमों को
गांवो में भेजकर ग्रामीणों को डेंगू बुखार के बचने की जानकारी भी दें।
लेकिन इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अपनी मनमानी में लगे रहे।
बीती रात करीब 11 बजे जिलाधिकारी अजय यादव और अपर जिलाधिकारी अनिल सिंह
ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र हैदरगढ़ में छापा मारा तो वहां पर से
चिकित्साधीक्षक बिना सूचना के गायब मिले। जबकि कुछ गिने चुने कर्मचारी ही
जिलाधिकारी को नजर आये। जिलाधिकारी ने वहां पर भर्ती मरीजों से जानकारी
की और बाद में उन्होने यह निर्देश दिया कि जब तक विद्युत रहती है। तब तक
ठीक है नही तो उसके बाद अस्पताल का जनरेटर सुचारु रुप से चलना चाहिये।
अगर मुझे इसके बारे में जानकारी मिली तो कड़ी कार्यवाही की जायेगी।
जिलाधिकारी करीब आधे घण्टे तक अस्पताल परिसर में रहे और वहां पर फैली
गंदगी व अन्य कार्यों को देखकर नाराजगी जतायी और स्वास्थ्य विभाग के
कर्मचारियों को कड़े निर्देश देकर वापस लौट गये। जिलाधिकारी की इस
कार्यवाही के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कम्प सा मच गया है।
स्वास्थ्य विभाग को सही करने के लिये खुद कमान संभाल ली है। उन्होने बीती
रात सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र हैदरगढ़ में छापा मारा और वहां पर गंदगी
को देखकर काफी नाराजगी व्यक्त की। चिकित्साधीक्षक तो वहां पर मौजूद नही
मिले लेकिन अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को स्पष्ट रुप से चेतावनी दी। जिले
में पिछले एक पखवारे से डूंगे बुखार का प्रकोप अपनी चरम सीमा पर पहुंच
गया है। पुलिसकर्मी से लेकर स्वास्थ्य कर्मी तक इस बीमारी की चपेट में
आकर अपनी जान गवा चुके हैं। अभी तक डेंगू बुखार ने जिले में करीब दो
दर्जन से ज्यादा लोगों की जान ले चुका है। जिलाधिकारी ने कई बार मुख्य
चिकित्साधिकारी सहित जिले के सभी सीएचसी प्रभारियों को भी चेतावनी दी थी
कि ज्यादा से ज्यादा समय क्षेत्र में रहकर गुजारें और स्वास्थ्य टीमों को
गांवो में भेजकर ग्रामीणों को डेंगू बुखार के बचने की जानकारी भी दें।
लेकिन इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अपनी मनमानी में लगे रहे।
बीती रात करीब 11 बजे जिलाधिकारी अजय यादव और अपर जिलाधिकारी अनिल सिंह
ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र हैदरगढ़ में छापा मारा तो वहां पर से
चिकित्साधीक्षक बिना सूचना के गायब मिले। जबकि कुछ गिने चुने कर्मचारी ही
जिलाधिकारी को नजर आये। जिलाधिकारी ने वहां पर भर्ती मरीजों से जानकारी
की और बाद में उन्होने यह निर्देश दिया कि जब तक विद्युत रहती है। तब तक
ठीक है नही तो उसके बाद अस्पताल का जनरेटर सुचारु रुप से चलना चाहिये।
अगर मुझे इसके बारे में जानकारी मिली तो कड़ी कार्यवाही की जायेगी।
जिलाधिकारी करीब आधे घण्टे तक अस्पताल परिसर में रहे और वहां पर फैली
गंदगी व अन्य कार्यों को देखकर नाराजगी जतायी और स्वास्थ्य विभाग के
कर्मचारियों को कड़े निर्देश देकर वापस लौट गये। जिलाधिकारी की इस
कार्यवाही के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कम्प सा मच गया है।

