इंसानियत फिर शर्मसार! सिस्टम से हारा बेटा, पिता के शव को कंधे पर लेकर घर पहुंचा
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हमीरपुर: यू.पी. में एक बार फिर इंसानियत शर्मसार हुई है। पहले ओडिशा के कालाहांडी और फिर यू.पी. के कानपुर, मिर्जापुर और प्रतापगढ़ से ऐसे वाक्या सामने आए, जहां पर सिस्टम पूरी तरह से मर गया। ताजा मामला हमीरपुर जिले से सामने आया है जहां एक शख्स सिस्टम से हारकर अपने पिता के शव को कंधे पर उठाकर घर पहुंचा।
दरअसल हमीरपुर जिले के मौदहा तहसील के भंभई गांव का रहने वाला राजू अपने 90 साल के बीमार पिता शिवाधार को लेकर मौदहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गया था, जहां पर डॉक्टरों ने उसे गाली देते हुए हमीरपुर के लिए रैफर कर दिया। मजबूर बेटा अपने पिता को सरकारी एम्बुलैंस से हमीरपुर ले जा रहा था लेकिन रास्ते में ही उसके पिता की मौत हो गई। राजू ने एम्बुलैंस चालक से पिता की मौत के बाद वापस ले चलने के लिए कहा लेकिन एम्बुलैंस चालक जबरदस्ती जिला अस्पताल हमीरपुर तक ले आया और वहीं छोड़कर चला गया। जिला अस्पताल में मौजूद डॉक्टर ने भी शिवाधार को मृत घोषित कर दिया, लेकिन डैड बॉडी ले जाने के लिए कोई वाहन उपलब्ध नहीं करवाया।
राजू अपने पिता की लाश को लिए हुए घंटों तक अस्पताल के मुख्य गेट पर ही खड़ा रहा लेकिन किसी ने भी उसकी मदद नहीं की। लिहाजा राजू वहीं रोता-बिलखता रहा और अंत में अपने पिता की लाश को कंधों पर उठाकर घर चल दिया।
दरअसल हमीरपुर जिले के मौदहा तहसील के भंभई गांव का रहने वाला राजू अपने 90 साल के बीमार पिता शिवाधार को लेकर मौदहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गया था, जहां पर डॉक्टरों ने उसे गाली देते हुए हमीरपुर के लिए रैफर कर दिया। मजबूर बेटा अपने पिता को सरकारी एम्बुलैंस से हमीरपुर ले जा रहा था लेकिन रास्ते में ही उसके पिता की मौत हो गई। राजू ने एम्बुलैंस चालक से पिता की मौत के बाद वापस ले चलने के लिए कहा लेकिन एम्बुलैंस चालक जबरदस्ती जिला अस्पताल हमीरपुर तक ले आया और वहीं छोड़कर चला गया। जिला अस्पताल में मौजूद डॉक्टर ने भी शिवाधार को मृत घोषित कर दिया, लेकिन डैड बॉडी ले जाने के लिए कोई वाहन उपलब्ध नहीं करवाया।

