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जौनपुर संघर्ष मोर्चा ने गोमती तट पर किया विशेष आयोजन

जौनपुर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी भारत के बंटवारे के दोषी नहीं थे। उन्होंने कभी बटवारा नहीं चाहा। उन्होंने यहां तक कह दिया था कि यदि बंटवारा होगा तो मेरी लाश पर होगा। उक्त बातें टीडी कालेज के पूर्व प्राचार्य डा. अरुण सिंह ने जौनपुर संघर्ष मोर्चा के कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता के रूप में कही। मोर्चा की नगर युवा शाखा द्वारा गोमती तट पर स्थित हनुमान घाट पर आयोजित विशेष आयोजन के मुख्य अतिथि काशी हिन्दू विवि के मनोविज्ञान के विभागाध्यक्ष प्रो. आरएन सिंह ने गांधी जी को दुनिया के सबसे महान नेताओं में शुमार किया। विशिष्ट अतिथि राजा हरपाल सिंह कालेज के पूर्व प्राचार्य कैप्टन टीएन सिंह ने आह्वान किया कि गांधी जी के विचारों को जीवन में उतारने से से उनको सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इसी क्रम में गायिका सविता अंशुमान ने गांधी जी के भजन ‘रघुपति राघव राजाराम’ एवं देशभक्ति गीत गाकर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिया। इस पर मौलाना ताजुल इस्लाम सिद्दीकी एवं मोर्चा के नगर अध्यक्ष महेश सेठ ने पुस्तक एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुये मोर्चा प्रमुख सुभाष कुशवाहा ने गांधी जी के सिद्धांतों एवं विचारों को समसामायिक परिस्थितियों में प्रासंगिक बताया। कार्यक्रम को मशहूर शायर आकिल जौनपुरी, जेब्रा अध्यक्ष संजय सेठ, शिव सेवा संस्थानम् के अध्यक्ष विमल सिंह, कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ के अध्यक्ष शिवमोहन श्रीवास्तव, भारत विकास परिषद के अध्यक्ष विक्रम गुप्त सहित अन्य ने सम्बोधित किया। अन्त में महात्मा गांधी से सम्बन्धित प्रश्नकाल का आयोजन हुआ जिसमें शिक्षक चन्दकांत पटवा को सर्वश्रेष्ट प्रश्न के लिये सम्मानित किया गया। मोर्चा के महासचिव सतवंश सिंह एडवोकेट ने अतिथियों के प्रति आभार जताया। इस अवसर पर शुभम श्रीवास्तव, विशाल वर्मा, प्रीतम सोनी, मो. ताहिर, शिवशंकर सेठ, गोलू सेठ, गौरव, कलेक्ट्रेट बार संघ के महावीर पाल एडवोकेट, टीडी लॉ कालेज के डा. रतन चन्द्र मौर्य, राजकुमार राजू ‘एडवोकेट’, वीरेन्द्र गुप्ता, नीरज सेठ, धीरज उपाध्याय, मदन लाल, अनिल पाण्डेय, सूरज मौर्य आदि सैकड़ों लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन महेन्द्र ने किया।

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