जौनपुर। प्यार और भाईचारे की भावना को फैलाव मिले, यही प्रयास भक्तजन करते हैं। भक्त पारिवारिक व सामाजिक जिम्मेदारियों को निभाते हुये भक्ति के पथ पर अग्रसर रहते हैं। पलायनवादी नहीं बनते, बल्कि कर्म के क्षेत्र में रहकर धर्म की पालन करते हैं। भक्त ही होते हैं जिनकी संसार में भिन्न चाल होती है। उनके लिये कोई पराया या बेगाना नहीं, बल्कि सारे एक हैं। एक ही नूर को घट-घट में समाया देखते हैं। भेद करने वाली भावना समाप्त हो जाती है। समदृष्टि व ज्ञान की दृष्टि मिल जाती है जो एकत्व के भाव से सबको देखती है। उक्त उद्गार खुज्झी मोड़ पर स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन व केराकत स्थित नार्मल स्कूल के प्रांगण मंे रविवार को उपस्थित विशाल संत समूह को सम्बोधित करते हुये देवरिया से आये जोनल इंचार्ज महात्मा बद्री विशाल जी ने व्यक्त किया। मंच का संचालन उमाशंकर ने किया। इस अवसर पर मायाशंकर, डा. हरेराम सिंह, रामजी, वासुदेव यादव, डा. त्रिलोकी यादव, सुबाष, संजय कुमार के अलावा अन्य लोग उपस्थित रहे।