इस जानवर की खाल से ड्रग्स से लेकर बुलेट प्रूफ जैकेट तक होती है तैयार, बढ़ रहा है शिकार
https://husainijnp.blogspot.com/2016/11/blog-post_13.html

जानकारी के मुताबिक, कान्हा क्षेत्र संचालक संजय शुक्ला ने मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर उपसंचालक अंजना तिर्की की बनाई बफर जोन टीम के साथ चार और पांच नवंबर को छापे की कार्रवाई की थी
कार्रवाई के दौरान टीम को बालाघाट के टेकाडी कटंगी परिक्षेत्र में संजय बिनाके नाम का व्यक्ति दो किलो 100 ग्राम पैंगोलिन की सीपी के साथ मिला. टीम ने उसे गिरफ्तार करते हुए सीपियों को जब्त कर लिया.
पैंगोलिन वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत अनुसूची 1 का वन्यप्राणी है, जिसके अपराध के लिए 7 साल तक कारावास की सजा दी जा सकती है.
कीमती है पैंगोलिन की खाल
पैंगोलिन की खाल की दक्षिण पूर्व एशिया के देशों में काफी डिमांड है. इसकी परतदार खाल का इस्तेमाल शक्ति वर्धक दवाइयों, ड्रग्स, बुलट प्रूफ जैकेट, कपड़े और सजावट के सामान के लिए किया जाता है.
ज्यादा डिमांड के चलते इसकी कीमत भी अच्छी मिलती है. रुपयों के लालच में पैंगोलिन की तस्करी भी बढ़ गई है. जहां 1990 से 2008 के बीच भारत में इनके शिकार का औसत सालाना तीन था, वहीं 2009 से 2013 में ये बढ़कर 320 हो गया है. इसे देखते हुए अब पैंगोलिन के संरक्षण के लिए विशेष दलों का गठन भी किया गया है.
