भारत और चीन जाली नोटों पर संयुक्त कार्यबल गठित करेंगे
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गृह मंत्रालय का बयान कहता है,‘‘दोनों पक्षों ने जाली भारतीय नोटों से निबटने के लिए दो संयुक्त कार्यबल के गठन और सूचना विनिमय के लिए 24 घंटे चलने वाली हॉटलाइन सेवा स्थापित करने पर चर्चा की। उन्होंने ई-वीजा, दूरसंचार फर्जीवाड़े, और सुरक्षा से जुडे मामलों पर भी चर्चा की।’’
भारत और चीन द्वारा अगले साल मार्च तक सुरक्षा सहयोग पर बातचीत समाप्त कर संधि करने की संभावना भी है। प्रस्तावित संधि से सीमापार अपराध एवं साईबर अपराध से निबटने में सहयोग सुनिश्चित होगा। बाद में जब चीनी कयुनिस्ट पार्टी के केंद्रीय राजनीतिक एवं विधिक विषयक आयोग के सचिव मेंग जियांझू और उनके प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री से ोंट की तब उन्होंने कहा कि आतंकवाद अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा के लिए गंभीरतम खतरा उत्पन्न करता है। मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनपिंग के शीर्ष करीबी ने परस्पर हित के मुद्दों पर चर्चा की जिनमें द्विपक्षीय आतंकवाद निरोधक सहयोग शामिल है।
प्रधानमंत्री ने आतंकवाद निरोधक विषयों पर भारत और चीन के बीच सहयोग में वृद्धि का स्वागत किया। यात्रा पर आए इन नेता के सम्मान में कल रात भोज देते हुए गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने जैश ए मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव के तहत आतंकवादी घोषित करने, उल्फा प्रमुख परेश बरूआ को पकडऩे और जाली नोटों पर रोक में चीन की मदद मांगी थी। चीन पठानकोट आतंकवादी हमले, उरी आतंकवादी हमले के कथित मास्टरमाइंड अजहर को संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंधित सूची में शामिल करने की भारत की कोशिश की रास्ते में दो बार अडंगा लगा चुका है।
